पितृपक्ष मेले में 12वें दिन इन तीन जगहों पर पिंडदान का विधान,महाभारत के बाद भीम ने भी यहां किया था पिंडदान ,
संवाददाता- निरंजन कुमार, गया गया: बिहार के गया शहर में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला चल रहा है. आज मेले का 13वां दिन और गया श्राद्ध का 12वां दिन है. इस अवसर पर भीम गया, गो प्रचार और गदा लोल नामक तीन प्रमुख पिंड वेदियों पर पिंडदान का विशेष विधान है.पितरों को मोक्ष की प्राप्ति: आश्विन कृष्ण द्वादशी तिथि होने के कारण ये वेदियां श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं. मान्यता है कि इन स्थानों पर पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और वे स्वर्गलोक को प्राप्त कर लेते हैं. इस बार मेला 16 दिनों तक आयोजित हो रहा है, जिसमें तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है.महाभारत के भीम ने किया था प्रथम पिंडदान: पितृपक्ष मेले की ये तीनों वेदियां धार्मिक ग्रंथों और पौराणिक कथाओं से जुड़ी हुई हैं. विशेष रूप से भीम गया वेदी का संबंध महाभारत युद्ध से है. कथा के अनुसार, महाभारत युद्ध के बाद पांडवों के वीर योद्धा भीम अपने पितरों के निमित्त गया पहुंचे थे. उन्होंने यहां पिंडदान का कर्मकांड किया, जिसमें अपने बाएं घुटने को मोड़कर पिंड अर्पित किया.यहां है भीम के घुटनो के निशान: ...